आज संतोष मेमोरियल रिहैबिलिटेशन एंड रिसर्च सेंटर, नारनौल के प्रांगण में “दिव्यांगता जागरूकता दिवस” मनाया गया। इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में दिव्यांगता की रोकथाम एवं इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
संगोष्ठी में महाविद्यालय की लेक्चरर अनु मैडम ने दिव्यांगता की रोकथाम पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि दिव्यांगता को रोकने के लिए गर्भधारण से पूर्व, गर्भावस्था के दौरान तथा प्रसव के पश्चात महिला की समुचित देखभाल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के संतुलित आहार, नियमित चिकित्सकीय जांच एवं संक्रमण से बचाव जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त, विशेष विद्यालय की स्पेशल एजुकेटर शिवानी मैडम ने बच्चों के उचित समाजीकरण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए उनका सामाजिक एवं भावनात्मक विकास अत्यंत आवश्यक है, जो उचित मार्गदर्शन एवं समावेशी शिक्षा के माध्यम से संभव है।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. आर. एन. यादव ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन को प्राकृतिक नियमों के अनुरूप संचालित करना चाहिए, जिससे एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण हो सके। उन्होंने सभी कर्मचारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।